कंप्यूटर सेंटर में चुदाई का मजा

नमस्ते माय डिअर फ्रेंड्स, मेरा नाम अंजलि है और मैं होशंगाबाद की रहने वाली हूँ  | मेरी उम्र 26 साल है और मैं शादीशुदा लड़की हूँ | मेरे पति इंदौर में जॉब करते है और मैं यहाँ रह कर अपने सास ससुर की सेवा करती हूँ | मैं सिर्फ एक गृहणी ही नहीं हूँ बल्कि कंप्यूटर सेंटर में टीचर भी हूँ | मेरा फिगर अच्छा खासा है | मैं ये नहीं कहती कि भरा बदन है पर एक दम परफेक्ट है मेरा फिगर और रंग सांवला है | इसके बावजूद मैं बहुत अच्छी दिखती हूँ | मेरे पति महीने में सिर्फ दो तीन दिन के लिए ही आते हैं और एक बार चुदाई करके निकल जाते हैं | हमारी शादी को ज्यादा टाइम नहीं हुआ है | आज जो मैं कहानी आप लोगो को बताने जा रही हूँ | ये मेरे जीवन की घटित एक सच्ची कहानी है | चलिए मैं आप लोगो को कहानी के माध्यम से बताती हूँ अपनी चुदाई के बारे में |

मैं एक कंप्यूटर सेंटर में टीचर हूँ जैसा कि मैंने कहानी के शुरू में ही बता चुकी हूँ | हमारे सेंटर में एक रवीश नाम का लड़का आता था | उसकी उम्र 21 साल थी और वो दिखने में काफ़ी हेंडसम था | वो मुझे हमेशा लाइन मारा करता था | पर मैं उसे अवॉयड कर दिया करती थी | क्यूंकि भले ही मेरे पति मुझे चुदाई नहीं दे पाते पर मैं अपनी मर्यादाओ को नहीं लांघ सकती थी | एक दिन की बात है मैं फेसबुक चला रही थी, तभी मेरे पति ऑनलाइन हुए तो मेरे बात उनसे होने लगी | मैं उनसे बात करते हुए उनकी पप्रोफाइल पिक देखने लगी थी कि तभी एक लड़की जिसका नाम सुनीता था उसका कमेंट आया “सो नाइस पिक डिअर” | ये देख कर मेरा दिमाग ख़राब हो गया | मैंने उनसे पूछा कि ये सुनीता कौन है ? तो उन्होंने बताया कि मेरे स्कूल कि फ्रेंड है | मैंने सुनीता की आईडी खोली | तब मैंने देखा कि उसका स्कूल चेंज है पर मैंने अपने पति से कुछ नहीं कहा और ऑफलाइन हो गयी | मुझे रवीश ने पहले से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी जो मैंने एक्सेप्ट नही की थी तो मैंने उस दिन कर ली | धीरे धीरे हम लोगो की बात चालू हो गयी | बात करते करते हम दोनों अच्छे दोस्त बन चुके थे | उसके बाद कभी कभी वो मुझे घर भी ड्राप कर दिया करता था | दोस्ती कब प्यार में बदल गयी पता ही नहीं चला | अब बात चुदाई तक पंहुच चुकी थी बस जगह नहीं मिलती थी |

एक दिन कंप्यूटर सेंटर की छुट्टी थी बच्चो की और जहाँ पर हमारा कंप्यूटर सेंटर था वो जगह मंगलवार के दिन बंद रहता था | मैंने सोचा कि मैं रवीश को बुला लेती हूँ और यहीं चुदाई करवा लेती हूँ | मैंने रवीश को फ़ोन किया कि कहाँ हो ? तो उसने कहा कि अंजलि मैं यहीं सेंटर के बाहर हूँ | फिर मैंने फ़ोन काट दिया | जब अन्दर आया तो मैंने उसे केबिन में बुला लिया और कहा कि देखो आज अच्छा मौका है चुदाई करने का | फिर पता नहीं कब मिलेगा | तो उसने कहा हाँ तुम सही कह रही हो | उसके बाद हम दोनों उठ कर थ्योरी क्लास में चले गये | वहां पर हम दोनों ने अपने अपने कपडे उतारे और फिर किस करने लगे | किस्सिंग करते करते वो मेरे दूध को दबा रहा था और मैं उसके लंड को सहला रही थी | उसका लंड मेरे पति के लंड से ज्यादा बड़ा और मोटा था | कुछ देर किस करने करने के बाद वो मेरी गांड दबाते हुए मेरे गले को चाटने लगा | वो मेरे गले को चाटते हुए मेरे दूध पर आ गया | अब वो मेरे एक दूध को मुंह में ले कर चूस रहा था और दुसरे वाले को मसल रहा था और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअकरते हुए अपनी चूत के दाने को सहलाने लगी | फिर उसने दूसरे दूध को पीना चालू कर दिया और पहले दूध को मसलने लगा और मैं जोर जोर से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया भरने लगी थी | फिर उसके बाद उसने मुझे टेबल पर बैठा दिया और मेरी टांगो को फैला दिया | अब वो अपने मुंह को मेरी चूत के पास ला कर अपनी जीभ से चाटने लगा और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके सिर के बालो को सहलाने लगी | वो बहुत अच्छे से अपनी जीभ का इस्तेमाल मेरी चूत चाटने में कर रहा था जो मेरे पति ने कभी नही किया | वो मेरी चूत में अपनी जीभ डाल कर चूस और चाट रहा था और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारियां भर रही थी |

उसके बाद मैंने उसे चेयर पर बैठा दिया और नीचे बैठ के उसके लंड को एक हाँथ से ऊपर करते हुए अपनी जीभ से चाटी और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे सिर के बालो को हाँथ में ले कर बैठे अपना लंड चटवा रहा था | उसके लंड को चाटने के बाद मैं उसके लंड के टोपे पर अपनी जीभ फेरते हुए मुंह में भर लिया | अब मैं उसके लंड जोर जोर से हिलाते हुए चूसने लगी और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रहा था | उसके लंड को अच्छे से गीला करने के बाद मैं उसके गोद में बैठ गयी और उसके लंड को अपनी चूत में डाल लिया | अब मैं उसके कंधे को पकड़ कर उचक उचक के चुदवाने लगी और आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते करने लगी | उसका लंड मेरी चूत में रगड़ खा रहा था जिस वजह से मेरी चूत जल्दी गीली हो गयी | मैं अपनी गांड उठा उठा के चुदवा रही थी और आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसे किस भी कर रही थी |

फिर उसने मुझे टेबल पर लेटा दिया और मेरी टांगो को अपने कंधे में रख लिया | अब उसने मेरी चूत में अपना लंड दाग दिया और चुदाई करने लगा मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपने दूध को मसल रही थी | मुझे चुदाई का ऐसा सुख कभी नहीं मिला था जैसा मुझे रवीश दे रहा था | जोर जोर से मेरी चूत को चोदे जा रहा था और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रही थी | उसकी चुदाई से मैं एक बार झड़ चुकी थी | पूरे क्लास रूम में बस फचफच की आवाज़े आने लगी | रवीश का स्टैमिना देख कर मैं ये सोचने लगी थी कि काश इससे मेरी शादी होती तो कितना अच्छा होता | उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से अपना लंड मेरी चूत में डाल कर चोदने लगा और मैं टेबल को पकड़ कर आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कर रही थी | मैं एक बार और झड़ गयी इसी बीच | पर वो झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था | वो मुझे जोर जोर से चोदे जा रहा था और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए बस का साथ दे रही थी | फिर कुछ देर और चोदने के बाद उसने अपनी गरम गरम धात मेरी मुंह के ऊपर निकाल दी |

तब जा कर मुझे असली चुदाई का एहसास हुआ और मैं बहुत खुश थी जो उसने मुझे कितनी बार चरम सीमा में ला कर मुझे एक एक पल का सुकून दिया | अब हमे जब भी मौका मिलता था तो हम चुदाई कर लेते हैं | कई दफा तो मैंने उससे अपने घर बुलवा कर अपनी चूत की चुदाई करवा चुकी हूँ |

तो दोस्तों, ये थी मेरी जीवन की सच्ची कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को मेरी ये कहानी बहुत पसंद आयगी और आप भी लेते रहिये चुदाई के असली मज़े | कमेंट कर के अपनी अपनी राय देना मत भूलियेगा | मुझे इंतजार रहेगा आप लोगों की कमेंट का |

और कहानिया

 

2 comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *