दो इंडियन लड़कियां और नेपाली बहादुर सिंह का

बहादुर सिंह नेपाली गोरखा हैं और उसकी ड्यूटी लालबाग रोड पे एक लेडिज हॉस्टल के पास लगी हैं. वैसे वो हॉस्टल में काम नहीं करता हैं लेकिन हॉस्टल वालें उसे कुछ बक्षिस दे देते हैं दिवाली पे इसलिए वो अपनेआप ही फोजदार बन के उधर का भी ध्यान रखता हैं. यह हॉस्टल में हॉट इंडियन लड़कियां रहती हैं. इनमे से कुछ इंडियन लड़कियां जॉब करती हैं और बाकि की इंडियन लड़कियां पढाई करती हैं.

इंडियन लड़कियां पकड़ी गई

11 जनवरी की हड्डी गलाने वाली रात थी. बीडी की छोटी आग से अपने शरीर में गर्मी की थोड़ी पंपिंग कर के बहादुर सिंह हॉस्टल की तरफ राउंड पे निकल पड़ा. शालिनी और श्रुति नाम की दो इंडियन लड़कियां हॉस्टल की दीवाल फांगने की ही कोशिश कर रही थी की बहादुर सिंह ने उन्हें धर लिया. हॉस्टल की बोरिंग लाइफ से दूर यह दोनों इंडियन लड़कियां डिस्कोथेक जाके आई थी. और ऐसा पहली बार नहीं था की यह इंडियन लड़कियां हॉस्टल की दिवार फांग रही थी. लेकिन बदकिस्मती से बहादुर ने आज उन्हें धर लिया. श्रुति और शालिनी दोनों की गांड ही फट गई; क्यूंकि उन्हें पता था की बहादुर सिंह हॉस्टल की लेडी वोर्डन रोमा का बड़ा चमचा था और अपने नंबर बढाने के लिए वो उन दोनों को जरुर वोर्डन के हाथ में दे देगा. श्रुति और शालिनी ने बहादुर को पटाने की कोशिश की,

श्रुति: बहादुर भाई, हम लोग शालिनी के भाई को मिलने गए थे.

बहादुर सिंह: मेमसाब आप किधर भी गया रहेंगा लेकिन मुझे रोमा दीदी को बताना पड़ेंगा. आप का हॉस्टल हम को बक्षिस देता हैं इसलिए हमारा काम हैं उन्हें बताने का.

अब शालिनी ने श्रुति के सुर में सुर मिलाया.

शालिनी: अरे बहादुर भाई बक्षिस तो हम भी आप को दे सकते हैं. आप ही बोल दो आप को क्या चाहियें.

बहादुर भी बड़ा अड़ियल था. वो किसी भी सूरत में इन्हें छोड़ना नहीं चाहता था. यह दोनों इंडियन लड़कियां भी जानती थी की यह गोरखा ऐसे मानने वाला नहीं हैं.

बहादुर: मेम साब हम यहाँ ठंडी में मर के काम करता हैं. पता हैं क्यूँ; क्यूंकि हमें आप का साब लोग बक्षिस देता हैं. और हमको आप का बक्षिस नहीं मांगता हैं. आप के साब लोग देते हैं वो काफी हैं.

श्रुति और शालिनी दोनों की गांड अब और भी फटने लगी. उन दोनों के पकडे जाने पे बड़ा डर यह था की डिस्कोथेक के बहार वो जो पांच पांच सो रूपये ले के चुदाई का धंधा करती थी वो पकडे जाने का भी डर था. श्रुति तो सिर्फ मजे के लिए चुदवाती थी लेकिन शालिनी अपनी राजशाही जिन्दगी को पोषने के लिए चुदती थी डिस्कोथेक के शराबी लोगो से. बहादुर किसी भी सूरत में मानता नहीं दिख रहा था. तभी श्रुति के मुहं से एक ऑफर निकला.

श्रुति: बहादुर भाई हम आप को हजार रूपये देंगे. आप प्लीज़ हमें जाने दो. आप मेडम को मत बताना.

बहादुर: नहीं मुझे रोमा दीदी को बताना ही पड़ेंगा अब तो. आप लोग हमें घुस देने की बात कर रही हैं.

अब शालिनी का गुस्सा बढ़ने लगा था. दो वक्त की चुदाई की कीमत तक तैयार थी यह इंडियन लड़कियां लेकिन यह गोरखा था की मान ही नहीं रहा था. शालिनी बोल पड़ी,

शालिनी: अबे तुझे घुस नहीं देंगे तो क्या हमारी चूत देंगे.

बहादुर की छोटी छोटी नेपाली आँखे पहली बार आशास्पद बनती दिखी. उसने शालिनी की और देखा और शालनी समझ गई की यह गोरखा चूत की बात सुन के नरम पड़ता दिख रहा हैं. उसने फिर कहा,

शालिनी: बोलो बहादुर भाई, आप को घुस नहीं दे तो क्या हमारा चूत दें. आप मेडम मेडम की रट लगा रखते हैं; क्या मेडम आप से चूत मरवाती हैं.

बहादुर हंस पड़ा और बोला, : चूत दे दो आप; फिर मैंने किसी को कुछ नहीं बताऊंगा. और आगे से भी आप को नहीं पकडूँगा कभी भी.

तुम मुझे चूत दो मैं तुम्हे आज़ादी दूंगा

शालिनी समझ गई की वो बोल के फंस गई हैं अब तो. उसने श्रुति के सामने देखा. दोनों इंडियन लड़कियां जैसे की आँखों के इशारे से बात कर रही थी. श्रुति जैसे शालिनी को पूछ रही थी इसे चूत देंगे अपना? और शालिनी जैसे की जवाब दे रही थी अरे वहाँ पे डिस्कोथेक पे शराबी और नशेड़ियों को अपना चूत देते ही हैं ना, तो फिर यह गोरखा क्या बुरा हैं, और फिर अगर आज पकडे गए तो फिर कभी भी 1000 रूपये दिन में कमाने को नहीं मिलेंगे. श्रुति ने जैसे मनोमन शालिनी को चुदवाने के लिए परमिशन दे दी. शालिनी ने बहादुर की तरफ देखा और बोली, “जगह हैं आप के पास.?”

बहादुर: हां बेबी जी. पडोस के गुप्ता जी की दुकान की चाबी मेरे पास ही हैं. उनकी दूकान खाली हैं.

श्रुति: देखो बहादुर सिंह आज तुम्हे चूत देंगे लेकिन कल से हम जब हॉस्टल में आयें जाएँ तुम दिमाग मत ख़राब करना. और फिर अपनी रोमा मेडम की चूत चाटने वाली बात नहीं करना.

शियाल के जैसी आँखे बना के बहादुर सिंह: मेडम आप की जवान चूत चाटने को मिल जाएँ फिर मेडम की बूढी चूत वैसे भी कौन चाटेंगा.

दोनों इंडियन लड़कियां समझ गई की यह नेपाली चूत का कुत्ता बना हैं फ़िलहाल और उसे चूत दे दी जाए तो वो कुछ भी करने को राजी हो सकता हैं.

बहादुर आगे आगे चला और यह दोनों इंडियन लड़कियां उसके पीछे चलने लगी. रास्ते में एक दो खम्भे पे अपना छोटा डंडा मार के बहादुर सिंह ने जागते रहो की आवाज लगाई और वो गुप्ता जी की दुकान का शटर खोलने लगा. बहादुर के पीछे जैसे ही श्रुति और शालिनी अंदर घुसी बहादुर ने दुकान के अंदर की एक छोटी लाइट ओन की और शटर को निचे गिरा दिया. लाईट के हलके उजाले में दोनों लड़किओं ने देखा की वह दुकान जैसे बहादुर के सोने के लिए ही बही थी जैसे. उसमे उसकी एक मेली गोदड़ी के अलावा कुछ सामान नहीं था. तकिये के पास एक बीडी का बण्डल था और माचिस की कुछ तीलियाँ थी. बहादुर के मन का चोर अब उसके लंड में उतर आया था; उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा की उसे एक साथ दो चूत मिलेंगी….!

और कहानिया

  • गांड चोदो और इंसान बनो आज मैं आपको अपने कॉलोनी में मस्त जवान लड़की की गांड मारने की कहानी सुनाने जा रहा और […]
  • ऑफिस कलीग ने लंड लिया हाय फ्रेंड्स ! में आप सब से नाराज़ हूँ क्यूंकि मेरी पहली हिंदी सेक्स स्टोरी पर किसी ने […]
  • Please Mujhe Pass Kardo हेलो, मैं हूँ सोनम शर्मा ओर मैं आपको अपनी ज़िन्दगी की एक सची hindi sex stories बताने जा […]
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *