पहली चुदाई से आँख भर आई

 
 

मेरा नाम आलोक है और मैं जयपुर का रहने वाला हूँ.

आज, मैं आपको अपनी स्टोरी बताने जा रहा हूँ जो मेरे साथ 2010 मे हुई.

तब मैं 20 साल का था, और वही जॉब करता था.

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मैं, मेरे परिवार के साथ रहता था.

मेरे एक रिलेटिव्स है जिनके बेटे की शादी कुछ साल पहले हुई थी. वो मेरे भाई लगते हैं, भाभी की उम्र कोई 30 रही होगी तब शायद और वो बहुत सुंदर थी हर तरीके मे.

फेस, फिगर भी अच्छा था और दिखती भी अच्छी थी पर उनके ससुराल वाले अच्छे नहीं थे तो वो सब मुझसे बात करती थी तो हम लोगों की अच्छी जमती थी.

वो वैसे कोटा मे रहती थी पर उनके रिलेटिव्स जयपुर मे थे.

कुछ दिन बाद उनका जयपुर आना हुआ, एक शादी मे.

मैं बहुत खुश था और वो भी बहुत खुश हुए और मेरे साथ शॉपिंग के लिए चली आई.

शॉपिंग मे ज़्यादा देर होने से, वो मेरे यहाँ ही रुक गई क्यूंकी वहाँ से शादी वाली जगह दूर थी जोकि एक फार्महाउस था.

मैं भी खुश था की कुछ टाइम मैं भी उनके साथ रहूँगा.

मेरा बंगलो बड़ा था जिसमे बाकी सब परिवार नीचे रहता था और मैं दूसरे फ्लोर पर रहता था और गेस्ट 1 फ्लोर पर जोकि वेकेंट रहता था.

भाभी के साथ, 4 साल का बच्चा भी था.

भाभी और मैं सच मे एक दूसरे को प्यार करने लगे थे.

उनकी खुशी के लिए सब कुछ करता था मैं.

डिन्नर करने के बाद सब लोग नीचे सो गये और मैं और भाभी 2 फ्लोर पर आ गये मेरा रूम देखने.

मैंने कहा उन्हें की रूम बड़ा है आप चाहो तो यही सो जाओ, मुझे भी कंपनी मिल जाएगी…

अकेले 1 फ्लोर पर शायद अच्छा नहीं लगता उन्हें तो वो खुद मान गई और मैंने गाने लगा दिए और हम कई घंटों तक बात करते रहे.

उनका बच्चा सो गया तो उसे डिस्टर्ब ना हो तो अलग सुलाया और भाभी और मैं साथ मे थे.

मुझे रात को सोते टाइम किसी चीज़ के ऊपर हाथ रख के सोने की आदत थी जैसे सॉफ्ट टॉय या तकिये.

गाने चल रहे थे और मैं हल्की नींद मे था शायद और आदत से मजबूर हो कर मैंने भाभी क ऊपर हाथ रखा तो वो और पास आ गई.

मुझे अच्छा फील हुआ, प्यार वाली फीलिंग आ रही थी तो मैंने भी उन्हें गले से लगा लिया और वो भी खुशी से लिपट गई.

फिर क्या था कई साल का प्यार जो उनके अंदर था एक साथ निकल आया.

हम दोनों एक दूसरे को बहुत टाइट्ली हग करते रहे, वो फीलिंग ही अलग थी जो बताई नहीं जा सकती.

उनकी आँखो मे चमक थी.

फिर मैं भी खुद को रोक नहीं पाया और फाइनली हमने एक दूसरे को किस किया..

फ्रीक्वेन्सी इतनी तेज थी की कारेब 20 मिनिट तक हमने किस किया पूरी तरह एक दूसरे मे खोके जैसे एक ही जिस्म हों.

हम दोनों बहुत खुश थे..

कहते हैं ना की प्यार सबको नसीब नहीं होता.

अब जो शुरूवात हो चुकी थी वो रुकने वाली नहीं थी मैंने उनके माथे पर, गाल पर, कान के पीछे, और होंठ पर इतने किस किए अलग अलग अंदाज़ मे की उनके तो होश ही उड़ गये और सिर्फ़ हल्की आवाज़ निकल रही थी लव यु आलोक की..

मैं भी पूरी तरह उनका प्यार कारण चाहता था सो मैंने फिर धीरे धीरे आगे आते हुए उनकी साड़ी को हटाया.

अब शरम जैसा कुछ नहीं था तो उन्होने भी अपोज़ नहीं किया.

साड़ी हटते ही मैंने उनकी गर्दन पर किस किया क्या फीलिंग थी, बीच बीच मे होंठ पर भी.

बिल्कुल लोली पोप के जैसे होंठ चूसे ही जा रहा था.

फिर मैंने गर्दन से नीचे उनके ब्लाउस तक पहुँचा अब मैं भी रुकना नहीं चाहता था तो जल्दी से उनके बटन्स ओपन किए.

वो काली ब्रा मे थी जैसे काले गुलाब जामुन सफेद चासनी मे डूबा हुआ हो.

अब मैंने देरी ना करते हुए उनकी तरफ देख तो पर्मिशन थी मुझे और वो भी एग्ज़ाइटेड थी शायद अब नहीं रुकना चाहती थी.

सुना है लड़कियो मे लड़को से ज़्यादा सेक्स फीलिंग होती है.

जैसे ही ब्रा ओपन की तो बिलीव नहीं हो रहा था की ये जैसे गुलाब जामुन मेरे हाथ मे थे.

ई मीन उनके बूब्स.

मैंने बच्चे की तरह उन्हें चूसना शुरू किया और भाभी ने मोनिंग करना..

ऑश पी लो इन्हे अच्छे से, चूसो, प्यार करो.. ये अहसास अलग है मेरे लिए, नहीं तो तुम्हारे भाई को तो कोई मतलब् नहीं मुझसे.. आज से इनका ध्यान तुम ही रखना.. सिर्फ़ तुम्हारे हैं ये अब से..

मैंने दोनों बूब्स चूस चूस के लाल कर दिए.

उसके बाद मैं उनकी वेस्ट पर आया और जीभ से चाटना शुरू किया और किस कर रहा था.

भाभी से कंट्रोल नहीं हो रहा था.

दोनों हाथ से बूब्स भी प्रेस कर रहा था.

अच्छे से किस करने के बाद मैंने उनके बीचे के कपड़े हटा दिए और पैंटी भी.

मेरे सामने एक जलपरी थी बिल्कुल सफेद पानी की तरह.

मैंने धीरे से उनकी चूत पर किस किया वो एक दम एग्ज़ाइट हो गई और मेरे सर को पकड़ के प्रेस करने लगी.

आह ह आ आह ह आलोक, ऊ ओह.. बस करो, प्लीज़… नहीं तो मैं जल्दी ही झड़ जाओंगी… अभी तो बहुत कुछ बाकी है…

करीब 5 मिनिट के बाद, उन्होने मुझे ऊपर उठाया और मेरे कपड़े उतार के मेरे पेनिस को मुंह मे ले लिया बिल्कुल एक बच्चे की तरह.

मैं आह ह आह ह की आवाज़ निकल रहा था और भाभी मेरा लंड खाए जा रही थी जैसे कब की भूखी है.

क्या फीलिंग थी, बता नहीं सकता. पूरा ब्लड ऊपर भाग रहा था और मैं हवा मे था.

उनका ब्लोवजोब का अंदाज ही अलग था बिल्कुल.

फाइनली मैंने भाभी को फिर एक लंबा किस दिया और उनके ऊपर आ गया और बिना टाइम गवाए अपना लंड उनकी चूत मे डाल दिया…

उन्होने हाथ से पकड़ के मुझे बच्चे की तरह रास्ता दिखाया और मेरा पूरा लंड उनके अंदर था.

उनकी चीख निकली पर मैंने होंठ रख दिए, शायद काफ़ी दिन बाद कर रही होंगी इसलिए दर्द हुआ.

फिर मैं कुछ देर रुका और उन्हें दर्द नहीं देना था तब फिर धीरे धीरे अंदर बाहर किया…

बाद मे स्पीड बड़ा दी..

वो मुझसे लिपटी हुए थी और आवाज़ें निकल रही थी आ अह ह आलोक … कम ओं … ऊ ऊह ह मज़ा आआ र् हा ई मेरी जा नन्न… आज कितने दिन बाद पूरी तरह से सेक्स किया है मैंने…

उनकी ये आवाज़ें मेरा खुमार बड़ा रही थी, ज़्यादा आवाज़ भी नहीं कर सकती थी नहीं तो बच्चा जाग जाता उनका.

भाभी ने कहा – बस करें… पर मैं कहाँ रुकने वाल था..

मैंने और करता रहा..

फिर भाभी को किस किया और उन्हें उल्टा होने को कहा, वो समझ गई की मैं क्या चाहता हूँ..

फिर मैंने डॉगी स्टाइल मे किया.

दोनों हाथ मे बूब्स और लीप किस करते हुए और मेरा लंड अंदर बाहर हो रहा था..

45 मिनिट के बाद, भाभी ने कहा की आगे के लिए भी छोड़ो कुछ की सारा आज ही करना है.. तब तक मैं भी सॅटिस्फाइ हो चुका था फिर हम दोनों एक दूसरे से लिपट के सो गये.

रात मे 2-3 बार नींद खुली, मैंने उतनी बार भाभी के साथ सेक्स किया. सोने का मूड था ही नहीं था असल मे तो पर एक बार सेक्स करने के बाद थोड़ा आराम चाहिए होता है क्यूंकी खुशी और रिलॅक्स से बॉडी फ्री हो जाती है पूरी तरह.

इतने साल हुए पर वो फर्स्ट टाइम वाली फीलिंग नहीं जाती कभी दिल और दिमाग़ से.

जब तक भाभी जयपुर मे रही हमने यूही एक दूसरे के साथ अच्छा टाइम बिताया.

कामिनी जी आगे भी कहानी लिखता रहूँगा.

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2 Comments
  1. Rk kaushik
    June 22, 2017 | Reply
  2. June 26, 2017 | Reply

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