प्रेग्नेंट पत्नी को गांड में चोदा

बस चोदा जाएँ आज तो यही सोच के शराब के ठेके पे विक्रम ने तिन ग्लास देसी दारु अपने गले के निचे उतार दी. मधु को प्रेग्नेंट होते ही पूरा घर खुश था; विक्रम भी. लेकिन प्रेग्नंसी के 3 विक के बाद ही उनका लौड़ा अब फूंफाड मार रहा था. पिछले हफ्ते तो उन्होंने ब्ल्यू फिल्म को देख के बाथरूम के अंदर ही अपने वीर्य की नदी बहाई थी लेकिन आज हस्तमैथुन अकेले से कुछ नहीं होने वाला था. शराब के ठेके से पैसे चूका के वो सीधे अपनी साइकिल को ले के निकला. मिल में दोपहर का खाना वो खाता था इसलिए टिफिन को सायकिल के आगे बाँधा हुआ था. पुरे रास्ते में उनके दिमाग में चोदा चोदी कार्यक्रम ही चल रहा था. चाल के पास आके विक्रम ने साइकिल को लोक किया और अंदर आके देखा की मधु बिस्तर पे पड़ी हुई मराठी अखबार पढ़ रही हैं. टीवी पे न्यूज़ चल रहा था और उसी रूम में विक्रम की बिन ब्याही बहन और उसकी माँ भी थे. विक्रम के आते ही वो लोग टीवी बंध कर के अपने बाजूवाले कमरे में चले गए. विक्रम ने पेंट की जगह पे लुंगी पहनी और वो मधु के पास आके बैठा.

आज होंगा गांड चोदा चोदी कार्यक्रम

मधु उठ बैठी और उसने हंस के विक्रम को पूछा, “कैसा काम था जी आज?”

विक्रम, “वही थकी पुरानी जिन्दगी साली अपनी होना क्या था. कभी बोस ने चोदा तो कभी मेनेजर ने चोदा.”

मधु: अजी आप घबराते क्यों हो; सब ठीक होंगा.

विक्रम ने इधर उधर देखा और बोला, “वो सब ठीक हैं; आज हमें चोदने का मन हुआ हैं.”

मधु के मस्तक में सलवटें आ गई उसने सुके गले से कहा, “विक्रम अभी कुछ नहीं कर सकते हैं. ऐसी हालत में तुम्हे पता ही हैं.”

विक्रम: अरे बेन्चोद तू डॉक्टर मत बन. मुझे पता हैं की आगे नहीं चोद सकते लेकिन पीछे के छेद में तो डालने दे. शादी के बाद से मैं पीछे डालने के लिए उत्सुक हूँ लेकिन तेरी माँ चुदती हैं पीछे करने की बात करूँ तो.

मधु एक अरसे से विक्रम के गुदासंभोग के ऑफर को नकारती आई हैं. लेकिन उसे पता था की आज उसकी नहीं चलने वाली जरा भी. उसने विक्रम को कहा, “ठीक हैं आप को जो भी करना हैं कर लीजिए आप. लेकिन पहले मैं खाना निकालती हूँ.”

मधु खाना निकालने के लिए उठी और विक्रम के मन में बस यही ख्याल उमड़ रहे थे की आज कैसे चोदा जाएँ इसे की यह भी खुश हो और मैं भी. उसने अपने कान में इयरफोन लगायें और एनाल सेक्स की एक सेक्स वीडियो निकाल के देखने लगा. मधु खाना रख के गई लेकिन विक्रम का ध्यान तो गांड चोदी में ही था. गोरी की गांड में काला चोद रहा था और वो कुतिया की तरह काउं काउं कर रही थी; बस यही सब काफी था विक्रम के लौड़े को पहाड़ जैसा टाईट करने के लिए. मधु के साथ खाते खाते भी विक्रम के मन में चोदने के ही विचार थे. खाने के पश्चात अभी कुछ समय बचता था सोने में लेकिन विक्रम ने मधु को कहा की वो रूम का दरवाजा और लाईट बंध कर दे. मधु ने रुक के पूछा, “लेकिन माँ जी और दीदी को ड्रामे देखने होते हैं अपने…!”

विक्रम: तू एक काम कर माँ से सरदर्द की गोली मांग और उसे कह दे की मेरी तबियत सही नहीं इसलिए जल्दी सो रहे हैं.”

मधु समझ गई की चोदा चोदी कार्यक्रम में उसके पति का मुकाबला करना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन हैं. वो गोली ले आई जिसे विक्रम ने सिंक में फेंक दी. मधु ने कमरे के दरवाजे बंध किये और लाईट को भी बुझा दिया. वो रसोईघर का दरवाजा बंध करने ही वाली थी की विक्रम ने उसे धीरे से कहा, “अरे एक काम करो; रसोईघर से एक कटोरी में थोडा सा तेल तो ले आओ.”

चुदाई से पहले तेल मालिश

मधु समझी नहीं की तेल की क्या जरुरत हैं; शायद इसलिए क्यूंकि उसकी गांड में आजतक चोदा नहीं गया था और उसे पीछे के छेद की जकडन का पता नहीं था. लेकिन आज उसे चोदा जायेगां और उसकी गांड की हवा निकलेंगी उसे यह अंदाजा आ गया था. मधु ने एक कटोरी में खानेवाला सरसों का तेल निकाला और वो कमरे में आई. अब तक विक्रम ने तो अपनी लंगोट तक उतार रखी थी और उसका काले नाग जैसा लंड हवा को सलाम कर रहा था. मधु आई और वो पलंग के ऊपर बैठने ही वाली थी की विक्रम ने उसे निचे बैठेने का इशारा किया. जैसे ही वो निचे बैठी विक्रम ने अपना लंड उसके मुहं के आगे रख दिया और वो बोला, “इसके ऊपर तेल लगा के अच्छे से तेल का मालिश कर दो मुझे.”

मधु ने लंड को गौर से देखा आज तो. यह वही लंड था जिसे उसके कितनी बार चोदा था लेकिन आज पता नहीं उसे विक्रम का अंदाज अलग लग रहा था. मधु ने लंड को अपने हाथ में पकड़ा और तेल की दो बूंदों को लौड़े के गोटों पर डाला. फिर उसने अपने हाथ से जैसे की लंड से दूध धोना हो वैसे उसे हिलाने लगी.  विक्रम को बड़ा मजा आ रहा था क्यूंकि उसने आजतक तेल मालिश की बातें ही सुनी थी और आज उसने कितनी हिम्मत कर के तेल मालिश का प्रस्ताव रखा था. विक्रम सोच रहा था की साला पहले भी गांड के लिए कहा होता तो कोई इश्यु नहीं होना था. मधु ने लंड के उअप्र अब कुछ और तेल की बुँदे डाली और वो लौड़े को सुपाड़े से ले के तह तक मलने लगी. विक्रम की आँखे बंध हो रही थी; उसे तेल मालिश में जितना मजा आया था उतना मजा तो आजतक उसे सेक्स के अंदर भी नहीं आया था. मधु भी लौड़े को सही तरह से पकड़ के बराबर मालिश दे रही थी…! मधु की गांड मारने का कार्यक्रम कहानी के अगले भाग में पढना ना भूलें….!

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