भतीजी को नींद में चोदा

मेरी भतीजी रिया और मैं एक ही उम्र के थे एक्चुअली जब सतीश भैया की शादी हुई तब मैं पैदा ही हुआ था, सतीश भैया मेरे बड़े ताऊ जी के लड़के थे जो बरसों पहले इंजीनियरिंग कर के अमेरिका चले गए थे और वापस आए तो एक फिरंगी बहु ले कर. रिया उनकी और सिमोन भाभी की बेटी थी. रिया बाईस की उम्र में ही इतनी खिल उठी थी की उसका अंग अंग निखर कर सामने आता था, वो लोग एक दफे इंडिया आए तो ताऊ जी के घर ना जा कर हमारे घर पर ही रुके क्यूंकि ताऊ जी उन लोगों से नाराज़ थे और उन्होंने भैया को घर से निकाल दिया था. हालाँकि मेरा और रिया का रिश्ता चाचा भतीजी का था लेकिन हम उम्र होने के कारण हम दोनों में अच्छी दोस्ती हो गयी थी, मम्मी नए कहा तो मैंने अपना कमरा रिया को दे दिया और खुद सोने के लिए हॉल वाले दीवान पर चला जाता था.

एक रात जब मैं पढ़ रहा था तो मुझे अपनी एक किताब की ज़रुरत आन पड़ी, रिया दरवाज़ा बंद कर के नहीं सोती थी सो मैं चुपचाप अपने कमरे में गया और बिना लाइट जलाए किताब निकाल कर ले जाने लगा. तभी मेरे मोबाइल के टोर्च की रौशनी रिया पर पड़ी जो बेड पर सोयी थी और ये देख कर मुझे आश्चर्य हुआ की रिया एक डीएम नंगी सो रही थी बिलकुल बिना कपड़ों के. एक दफे तो मैं घबरा कर वापस जाने लगा लेकिन उसके हाफ एन आर आई नंगे जिस्म को जी भर के देखने की इच्छा नए मुझे वहीँ रोक लिया और मैंने नज़र भर के उसके जिस्म को देखा अपना लंड मसला और वह से जाने ला तो मुझे लगा रिया नींद में कुछ बडबडा रही थी. मैंने उस पर चादर डालने की कोशिश की तो उसके मुंह से निकला “सुबह हो गयी क्या”.

उसकी आँखें बंद थीं लेकिन उसके चेहरे पर एक शांति के साथ ही मुस्कान भी थी, मैं उत्तेजित हो आज्ञा और मैंने उसे चादर ओढाने की बजाए उसके नंगे बदन के पास ही लेट गया. रिया एक दम शांत पड़ी हुई थी और मेरे मोबाइल की रौशनी में उसका जिस्म दमक रहा था, मैंने बहुत शांति से दरवाज़े की कुण्डी लगाई और उसके पास हौले से लेट गया, रिया नए पलट कर मुझ पर अपना हाथ रख दिया और उसका मुंह अब मेरे मुंह के सामने था उसकी साँसों की खुशबु मेरे नथुनों को छू रही थी और उसके बड़े बड़े नर्म चुचे मेरे सामने आती जाती साँसों के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे. मेरे लंड ने सलामी दी और मेरे अन्दर एक चुलबुली सी खलबली मच गयी, मैं रिया के पास लेटा था और उसका हाथ मेरे जिस्म पर फिसल रहा था.

मैंने भी थोड़ी सी हिम्मत कर के उसके नंगे जिस्म पर अपना हाथ रख दिया और उसके मखमली जिस्म को सहलाने लगा, रिया अब तक नींद में होने का नाटक ही कर रही थी लेकिन अन्दर ही अन्दर वो भी मज़े ले रही थी. सबसे कमाल की बात ये थी  की रिया ने अभी तक एक भी सिसकारी नहीं भरी थी और मैंने आलरेडी उसके चूचों को सहलाना शुरू कर दिया था जो काफी भरे हुए दुधिया और नर्म थे, हाँ लेकिन रिया ने भी अब मुझे हलके हलके हाथ से सहलाना शुरू कर दिया था और उसने मेरी टी शर्ट में हाथ दाल कर मेरे छाती के बालों में हाथ फिरना भी शुरू कर दिया था. मेरा लंड पहले से ही खड़ा था सो उसने जैसे ही मेरे लोअर में हाथ खिसकाया उसके चेहरे पर एक मुस्कान सी फ़ैल गयी क्यूंकि मेरा तेईस बरस का भुजंग लैंड काफी मोटा था बस लम्बाई में उतना बड़ा नहीं था.

रिया नए खुद अप्पने हाथ से मेरा लोअर खिसकाया और मेरी टी शर्ट ऊपर की जिन्हें मैंने उतारा और हम दोनों नंगे बदन एक दुसरे से लिपटे हुए थे पर रिया नए अब भी आँखें नहीं खोली थी बस उसकी मोनिंग अब चालू हो गयी थी. अमेरिकन एक्सेंट की हिंदी में उसने कहा “उम्म्म्म चाचू तुम्हारे चेस्ट पर कितने बाल हैं आई जस्ट लव थेम” मैंने उसकी चूत को एक हाथ से और एक हाथ से उसके चूचों को सहलाते हुए कहा “नींद ढंग से नहीं आरही थी क्या” वो बोली “आप आ गए हो ना अब मुझे प्यार से सुला दो”. मैंने अपना लंड उसकी चूत से सटाते हुए उसके नर्म होठों को चूम लिया जिसके बदले रिया ने मेरे होठों को अपने होठों और दांतों से बहुत अच्छे से चूसा. रिया थोड़ा खिसक कर मेरे चेस्ट को चूमती हुई मेरे नेवल और फिर मेरे लंड तक पहुंची तो मैंने कहा “अभी मत करो, वरना ये जल्दी खत्म हो जायेगा”.

मैंने उसको फिर उपर लिया और उसे पलट कर अपने ऊपर सुला लिया, रिया का नर्म मखमली दुधिया बदन अब मेरे जिस्म पर पडा था और मेरा लंड उसकी चूत पर टिका था जिसे वो हौले हौले अपनी चूत पर रगड़ रही थी. फिर रिया नए मेरे लंड को अपनी चूत में फंसाया और एक हलके से झटके के साथ वो मेरे लंड पर फिक्स हो गयी और धीरे धीरे इम्रे जिस्म पर ऊपर नीचे रेंगने लगी. एक तो उसके मुलायम जिस्म का स्पर्श और दुसरे उसकी आधी फिरंगी चूत की गुनगुनी गर्मी मेरे लंड समेत मेरे पूरे शरीर को उसने सातवे आसमान पर पहुंचा दिया था और हौले हौले ही सही लेकिन प्यार भरी सिस्कारियां ले रही थी. रिया के इस प्यार भरे अंदाज़ नए मुझे उसका दीवाना बना दिया था, मैंने उसे रोका नहीं और थोड़ी ही देर में हम दोनों इस काम को धीरे धीरे करते हुए फारिग हो गए.

रिया ने लेटे लेटे ही अपनी चूत में से मेरा वीर्य पौंछा और हौले से वापस खिसक कर मेरे लंड तक पहुँच गयी क्यूंकि वो उसे वापस चूस चूस कर खडा करना चाहती थी, उसके नर्म होठों नए थोड़ी ही देर में मेरे लंड को वापस खड़ा तो किया लेकिन इस बार रिया का मूड उसे चूत में लेने का नहीं बल्कि मुंह में ही खाली करने का था सो उसने बड़े ही शौक से मेरे लंड को अपने बचपन की लोली पॉप या इसे कैंडी बना रखा था, उसके लंड चूसने का टैलेंट गजब का था और जिस तरह से वो मेरे गोटों और लंड के टोपे को अपनी जीभ से छेड़ रही थी मेरे लंड का खाली होना स्वाभाविक था. रिया नए मेरे वीर्य को पीने में कोई कोताही नहीं बरती और वापस ऊपर खिसक कर बोली “चाचू सुबह हो गयी क्या”. हम दोनों धीरे से हँसे और वो लोग जब तक इंडिया में रहे मैंने रिया की ऐसे ही सेवा की और अपनी भतीजी की नर्म गुदाज चूत और दुधिया जवानी का मज़ा लिया.

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