भाभी की पड़ोसी की सीलतोड़ चुदाई

 
 

हेलो दोस्तो,

मेरा नाम गगन है। मैं उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला हूँ और मुझे मेरी सेक्स स्टोरी की कहानी बहुत पसन्द आती है। मैंने भी सोचा! कि जो मेरे साथ हुआ आपको बताऊँ!

मेरी उम्र 22 साल है। मेरा रंग साँवला है। मेरे लण्ड की लंबाई 6″ और 2′ 50″ मोटी है। मैं अपने भाभी के घर हर बार घूमने फिरने के लिए जाता रहता हूँ।

भाभी के पड़ोस की लड़की मुझे भा गई
मेरे भाभी के पड़ोस में एक लड़की रहती थी। जिसका नाम नीलम (बदला हुआ) है। उसकी फिगर 32,28,30 है। मैंने जिस दिन से उसको देखा था! उस दिन ही सोच लिया था! कि इसको चोद कर रहूँगा!

हालांकि! जब मैं छत पर जाया करता था, तो वो मुझको इशारे करती थी! और हँसने लगती थी। ऐसा लगता था! कि वो मुझको पसन्द करती थी। धीरे धीरे! वो घर पर आने लगी।

एक दिन! वो भाभी के मोबाईल में से मेरा नंबर निकालने लगी। अब हमारी बात आगे बढ़ने लगी। जब भी मैं फोन करता, तो वो घर आ जाया करती थी।

मुझे चूम सदियों की प्यास बुझाई
एक दिन! मैंने उसको अपने प्यार का इजहार किया तो वो मान गई।

वह खुशी से मेरे गले से लिपट गई! और कसकर अपने होंठ मेरे होंठों में रख! मुझे चूमने लगी। वो इस कदर प्यार कर रही थी! कि वो सदियों से प्यासी हो!

अब वह अपने हाथों को मेरी कमर पर फिराने लगी! अब मैं गर्म हो चुका था। मैं अपना हाथ उसके टॉप के अन्दर डालने लगा, और दूसरा हाथ उसकी जीन्स के ऊपर फिराने लगा।

धीरे धीरे! वो गर्म होने लगी, और मैंने अपने हाथ से उसका टॉप निकल दिया। अब वो मेरे सामने जीन्स और ब्रा में थी। वह अपने आपको छुपाने की कोशिश करने लगी!

मेरे चूमने से उसके रोंगटे खड़े हुए
मैंने देर ना करते हुए! उसकी गर्दन पर चूमने लगा, और कभी उसकी कमर पर! जब मैं उसकी सीने पर चूमता, तो उसके रोंगटे खड़े होने लगते। धीरे धीरे! मैंने चूम चूम कर उसके नीचे आ गया।

अब जीन्स की बटन वाली जगह पर चूमने लगा! और जीन्स के बटन भी खोल दिए। जीन्स को उतार कर! साइड में रख दिया, और उसकी पैन्टी के ऊपर से उंगली करने लगा।

अब उसकी पैन्टी गीली होने लगी थी! उसकी चूत में से पानी निकल रहा था। शायद! वो एक बार झड़ चुकी थी और मुझको फिर से चूमने लगी थी! मैं धीरे धीरे उसकी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया।

नंगी चूचियों के दूध दुहने का मजा
अब अपने दोनों हाथों को उसकी कमर पर ले जाकर ब्रा भी निकाल दी। और उसकी दूधों को दबाने लगा। वो कभी अपने होठों को काटने लगती! या मुझको काटने लगती।

इधर! मेरी हालत भी खराब होती जा रही थी। मेरे भी लण्ड में तूफान उठा रहा था। मेरा लण्ड उसकी चूत को घूर रहा था। अब मैंने उसकी चूत में उंगली डाल कर अन्दर बाहर करने लगता तो अपने नाखून मेरी कमर पर गड़ाने लगती।

धीरे धीरे! नीलम मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी, और जीन्स का बटन खोलकर लण्ड को सहलाने लगी। मेरी हालत और भी खराब होने लगी। मैंने अपना लण्ड पकड़ कर नीलम की चूत पर फिराने लगा।

पड़ोसन चुदासी हो चुदने को तैयार
अब वो और भी मचलने लगी! वो बोलने लगी- अब मत तड़पाओ! डाल दो अपना लण्ड मेरे अन्दर! यह सुन मैं जोश में आ गया! और मैं अपने लण्ड को नीलम की चूत में डालने लगा।

अब वो और भी तड़पने लगी! शायद! उसकी सील बंद थी और कहने लगी, कि दर्द हो रहा है। मैंने फिर से कोशिश किया, लण्ड पकड़ कर डालने लगा तो वो अपने होठों को काटने लगी।

उसने अपनी आँखों को बंद कर लिया। मैंने फिर से लण्ड अन्दर डाला तो 2 इंच अन्दर चला गया। अब वो रोने लगी! तो मैं कुछ वक़्त के लिए रुक गया और उसको चूमने और सहलाने लगा।

चूत की सील तोड़ने का मौका
अब वो शांत हो गई। पर! उसको दर्द हो रा था। जैसे ही! मैंने एक और झटका मारा! तो लण्ड चूत में समाने लगा। मैंने देखा! कि नीलम की सील टूट गई है, और मेरा लण्ड खून से लाल हो गया था।

मैंने अपना लण्ड निकाला और फिर से, नीलम की चूत में पूरा डाल दिया और झटके मारने लगा। नीलम को अब मज़ा आने लगा था और वो भी मेरा साथ देने लगी थी।

कुछ देर बाद! नीलम की चूत से पानी! फिर से निकलने वाला था और 15-20 झटके मारने के बाद मेरा भी पानी नीलम की चूत में ही निकल गया।

चुदासी पड़ोसन फिर चुदने को राजी
उसके ऊपर ही लेटा रहा! और उसकी चूचियों को दबाने लगा। नीलम फिर से गर्म हो गई और नीलम ने बोला- एक और बार हो जाए!

इस बार मैंने उसको घोड़ी बनाया, और अपना उसकी गांड के नीचे से उसकी चूत में पेल दिया! वो एकदम से चीख पड़ी- उय्यी! माँ! मार डाला रे! जालिम! ऐसी भला कोई चूत चोदता है क्या!

मैंने बोला- रानी! देखते जाओ! इस तरह चुदने में तुम्हें बहुत मजा आएगा! सच में! इस बार की चुदाई में पहले से भी ज्यादा मज़ा आया! इस एहसास को उसने भी महसूस किया।

उस दिन के बाद! जब भी हमें मौका मिलता! हम दोनों जमकर चुदाई करते और खूब मजे करते थे!

दोस्तो! आपको मेरी कहानी कैसी लगी? अगर कोई ग़लती हुई हो तो माफ़ करना! और जरुर बताना आपको मज़ा आया की नही।जिससे मैं अपनी अगली कहानी लिखूँ!

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3 Comments
  1. June 21, 2017 | Reply
  2. June 21, 2017 | Reply
  3. Rk kaushik
    June 22, 2017 | Reply

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