मेरा पहला लेस्बियन सेक्स

 
 

हेलो दोस्तों, ये मेरा १८ कम्पलीट होने का साल था और मैंने अपने पापा को जिद करके एक अच्छी पार्टी का इंतजाम करवा लिया था. दोस्तों, मेरा नाम रोज़ी है और मैं एक इंग्लिश फॅमिली से बेलोंग करती हु. हम लोगो को इंडिया में आये हुए तक़रीबन ३० साल से ऊपर हो चुके है और मेरा जनम तो इंडिया में ही हुआ था. लेकिन रंग रूप अभी वैसा ही है. हम सभी लोग हिंदी बहुत अच्छी बोल लेते है. मेरे बाल ब्लोंड है और स्कूल में मुझे बहुत से लडको ने लाइन मारी है. लेकिन मेरे घर में लव और अफेयर पर पूरी सख्ती थी. स्कूल ख़तम हो गया और फिर कॉलेज में आ गये. कॉलेज में मैं कभी लडको से दोस्ती नहीं की. मैंने दोस्ती की सिर्फ लडकियों से और उसमे से एक लड़की मोना मेरी बहुत अच्छी दोस्त बन गयी थी. मोना एक पंजाबी लड़की थी और दिल्ली की रहने वाली थी और हम लोग मुंबई में थे. वो दिल्ली से पढ़ने के लिए आई थी.

 

वो यहाँ पर एक पीजी में रह रही थी. उस दिन मोना भी आई थी और पहली बार वो मेरे पैरेंट से मिली थी. मेरे पैरेंट को वो बहुत ही पसंद आई थी और मैंने उस रात उसको मोना को अपने घर पर रोकने को भी मना लिया. मोना ने मुझे बोला था, कि तुम्हारे लिए एक सरप्राइज गिफ्ट है और वो तुम्हे रात को तुम्हारे कमरे में मिलेगा. हम दोनों बहुत ही एक्ससितेद थे. पार्टी ख़तम हो गयी और ११ बज गए थे. सब बहुत थके थे, इसलिए सब जल्दी से अपने रूम में चले गये. मोना और मैं मेरे रूम में आ गए और फिर मोना ने अपने बेग से दो एक सी सेक्सी ड्रेस निकाली और पहनने को कहा. मैं बाथरूम में जाने लगी, तो उसने मुझे कहा – यहीं पहनो. मैंने उसको मना किया, तो वो बोली – क्या शर्म? हम बड़े हो चुके है.

फिर मैंने लाइट बंद कर दी. उसने और मैंने जल्दी से कपड़े बदले और वो मेरे पास आई और बोली – जानेमन, देखने तो दो, केसी दिखती हो? वो कुछ बदले हुए मूड में लग रही थी. उसने एकदम लाइट जला दी और मैने अपने आप बहुत ही कम कपड़ो में कपड़ो में देख कर हैरान थी. उसने मुझे मेरे गाल पर चूमा और मुझे एकदम से शीशे के सामने खड़ा कर दिया. सच बोलू दोस्तों… वो गलत नहीं कह रही थी. कयामत लग रही थी. वो अचानक से मेरे पीछे आयी और मेरे हाथो को पीछे से पकड़ लिया. आज उसकी पकड़ में कुछ अलग ही अहसास था. कुछ गरम और अलग सा.. मुझे अच्छा लगा.. फिर उसने एकदम से अपने होठो को मेरी गर्दन पर रख दिया और अपनी जीभ से मेरी गर्दन को चाटने लगी. बहुत ही गरम अहसास था वो. मैंने एकदम से सिस्त्कार उठी सिसिसिसिसिसिसिस… ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ…. मर गयी… क्या बला थी वो… उसने मुझे एकदम से जकड लिया और मुझे चूमे जा रही थी.

मेरे शरीर में करंट दौड़ गया. मुझे समझ नहीं आ रहा था, कि वो क्या रही थी. पर जो भी कर रही थी.. मुझे मज़ा आ रहा था. फिर मैंने अपने आप को उससे छुड़ाना चाह, लेकिन उसने मुझे कस कर पकडे हुआ था और फिर उसने मुझे एकदम से बेड पर धक्का मार दिया और मुझे नीचे गिरा दिया. फिर वो मेरे ऊपर चढ़ कर बैठ गयी और मुझे चूमने लगी. उसने फिर एक – एक मेरे पर अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिया. कुछ ही मिनटों में हम दोनों पुरे नंगे थे. मुझे मज़ा आ रहा था, मेरे मुह से तो बस सिस्कारिया ही निकल रही थी और मैंने अब उसको चाह कर भी रोकना नहीं चाहती थी. फिर उसने नीचे उतर कर मेरे दोनों पेरो को खोल दिया. मुझे अपनी चूत की फानको पर दर्द का अहसास हुआ और मेरे मुह से हलकी सी चीख निकल गयी. उसने मुझे सॉरी बोला और फिर वो मेरे ऊपर आई और मेरी चूत के दाने को अपनी ऊँगली से टच करने लगी.

उसके ऊँगली रखते ही, मुझे लगा, कि मेरे शरीर ने किसी आग को टच कर लिया और फिर उसने अपनी ऊँगली से मेरी चूत के दाने को रगड़ना शुरू कर दिया.. अरे आप रे… मेरा तो पूरा शरीर कांप रहा था और मैंने चादर को अपनी मुट्ठी में भर कर खीच लिया और फिर अपनी टांगो को आपस में रगड़ना शुरू कर दिया. मुझे लगा रहा था, कि मेरे जिस्म के अन्दर कोई लावा फूटने वाला है. फिर उसने अपने मुह एकदम से मेरे चूत में लगा दिया और जैसे ही उसने अपनी जीभ की नोक मेरी चूत के मुह पर लगायी, मेरे मुह से जोर से चीख निकल पड़ी आआआआआअ… वो डर गयी और उस ने एक हाथ से मेरा मुह बंद कर दिया और फिर उलटी हो कर मेरी चूत को रगड़ने लगी… क्या मज़ा आ रहा था. मुझे लगा.. कि ये आज मेरी जान लेकर ही मानेगी.

वो किसी कुतिया की तरह से लम्बी जीभ करके मेरे मुह को चाटे जा रही थी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मुझे लगा, कि मेरे शरीर से कोई लावा फूटने वाला है और मेरे चूत से एक झटके में ही जोर से मेरे वीर्य ने बाहर छलांग लगा दी. मेरा शरीर एकदम से ढीला पड़ गया और मैं एकदम से नीचे गिर गयी. वो मेरे पास आई और मेरे होठो पर मुझे किस किया और बोली – हैप्पी बर्थडे डार्लिंग. हम दोनों ही खिलखिलाकर हंस पड़े और ऐसे ही नंगे सो गये. कुछ २ घंटे बाद, मैंने महसूस किया, कि मोना के बदन में आग लगी थी और वो मेरे चूचो को दबा कर चूसने लगी थी. उसने मुझे फिर से गरम कर दिया और फिर मेरे ऊपर आ कर बैठ गयी. इस बार उसकी चूत मेरे मुह के ऊपर थी और वो मुझे चाटने को बोल रही थी. मैंने भी उसकी चूत को मस्त चाटा और कुछ ही देर में उसका वीर्य निकाल दिया. अब उसका शरीर भी ठंडा हो चूका था और वो मेरी बाहों में गिर पड़ी और हम दोनों ने फिर से एक दुसरे को किस किया और विश किया और सो गये. हम सुबह उठे, एकदम फ्रेश थे और मैं बहुत ही खुश थी. हम साथ – साथ कॉलेज गये और फिर वो शाम को अपने पीजी चली गयी और मैं घर वापस आ गयी. तो दोस्तों, ये था मेरा बर्थडे गिफ्ट… मेरा पहला लेस्बियन सेक्स….

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2 Comments
  1. Rk kaushik
    June 26, 2017 | Reply
  2. June 27, 2017 | Reply

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