अनोखी होली संगीता दीदी के साथ

होली के दिन मैं हमेशा इंतजार करता हूँ. आज मेरी संगीता दीदी क्या माल लग रही थी. दीदी ने एक टाइट कुरता पहना हुआ था, जिससे उनके गरदाये बदन का एक एक शेप पता चल रहा था, क्या फिगर था साली का, ३८-३०-४०.
संगीता दीदी ३० साल की मस्त सेक्सी आइटम थी. उनकी बड़ी बड़ी चूचियां और मटकती हुई भारी गांड, मेरा लंड खड़ा कर देती है. कुर्ती से दीदी का पूरा क्लीवेज दिख रहा था. मैंने सोचा आज ही मौका है दीदी की जवानी लूटने का. मैंने दीदी को एक भांग का लडडू खिला दिया, जिसका असर दिखने लगा, दीदी को नशा चढ़ने लगा. तभी मैंने एक बाल्टी रंग पूरा दीदी के ऊपर डाल दिया. दीदी का पूरा बदन भीग गया था. दीदी की लेग्गिंग्स गांड से चिपक गयी थी, उफ्फ्फ्फ़ क्या भारी चुत्तड़ थी साली की.. मन किया की लंड पेल दो अभी.

दीदी: रोहित रुक जा तुझे मैं मजा चखाती हूँ,, दीदी ने मुझे पकड़ लिया और खूब रंग लगाया, मेरी टीशर्ट के अंदर हाथ डालकर पूरे बदन में रंग लगा दिया. मैंने भी मौका का फयदा उठाया और दीदी को रंग लगाया, दीदी के गाल पर रंग लगाया फिर कुर्ते के अंदर हाथ डाल कर उनकी चूचियों में रंग लगा दिया और जोर से मसलने लगा..

दीदी: अह्ह्ह्हह भाई.. ये क्या कर रहा है
मैं: दीदी अपने भी तो रंग लगाया मुझे
मैं दीदी की चूचियों को खूब मसला, दीदी पर भी चुदास छाने लगा और वो मोअन करने लगी..

दीदी: अह्हह्ह्ह्ह भाई…
अब मैंने दीदी की गांड को रगड़ने लगा, मैं दीदी के जवान बदन का पूरा मजा ले रहा था..दीदी पर भी नशा छा चूका था.. वो भी मुझे खूब रंग लगा रही थी..हमने बहुत देर तक होली खेली.

मैं: दीदी अपने तो मुझे पूरा रंग दिया.. अब ये नहाने से भी नहीं निकलेगा
दीदी: निकल जायेगा.. चल मैं तुझे नहलाती हूँ

दीदी मुझे बाथरूम में ले गयी,,, और शावर ऑन कर दिया. दीदी पूरी तरह आउट हो चुकी थी. मैंने दीदी को भी शावर में खींचा.

दीदी: आज मैं भी आपको नहलाऊँगा
मैं: ठीक है भाई

मैं दीदी को दिवार पर सटा दिया और उनकी भारी चुत्तड़ो में लंड रगड़ने लगा. और उनकी चूचियों को दबाने लगा…

दीदी: अह्ह्ह्हह… ओह्ह्ह्हह्ह भाई…
मैं: दीदी आज तो मैं आपको बहुत चोदूंगा..
दीदी: आह्हाःहह.. जो करना है करले.. मुझे बहुत मजा आ रहा है

मैंने दीदी की कुर्ती और लेग्गिंग्स उतर दी. अब वो मेरे सामने बिलकुल नंगी कड़ी थी. मैंने अपना लंड बाहर निकला और दीदी की बूर में पेल दिया…

दीदी: उईईईईई ….ओह्ह्ह्हह्ह.. भाई
मैं: उउउउउफफ्फफ्फ्फ़ … आज आपका भाई आपका बदन भोगेगा … क्या भारी चुत्तड़ है दीदी आपकी…
दीदी: ओह्ह्ह्हह्ह… रोहित.. फ़क मी डिअर
मैं: येले साली खा मेरा पूरा लंड
दीदी: आअह्ह्ह्हह ..भाई.. और तेज

मैं दीदी की चौड़ी गांड को पकड़ कर डॉगी स्टाइल में चोद रहा था…. १० मिनट चोदने के बाद मैंने शावर बंद किया.. दीदी की बदन को पोछा और उनकी बिस्तर पर लेता दिया.. दीदी अब भी नशे में थी.. मैं एक चादर ओढ़ा दिया और अंदर घुसकर दीदी को चोदने लगा… मेरा लंड दीदी की बूर में अंदर बाहर हो रहा था… दीदी बहुत एन्जॉय कर रही थी चुदाई..

दीदी: अहहहहहहहह भाई… और मार …
मैं: ओह्ह्ह्हह्हह संगीता … आज से तू मेरी रखैल बनकर रहेगी….
दीदी: हैं भाई….. ओह्ह्ह्हह्हह … मैं तेरी रंडी हूँ.. चोद ले मुझे
मैं: खा साली फिर मेरा लंड…

मैं ताबड़ तोड़ दीदी को चोद रहा था. चुदाई का मधुर संगीत पुरे रूम में गूँज रहा था..

दीदी: अह्ह्ह्हह्हह.. ohhhhhhhhhhhhhhh… भाई … मैं झरने वाली.. और तेज चोद अपनी बहन को
मैं: उफ्फ्फफ्फ्फ़.. येले साली …. क्या तरबूज जैसी चूचियां है दीदी आपकी.. आपको चोद कर मजा आ गया..
दीदी: फ़क मी मोर रोहित… ले ले अपनी जवान बहन के बदन का मजा… चोद मुझे

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